उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान को विश्व-स्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की जताई प्रतिबद्धता

जयपुर । जयपुर एक बार फिर वैश्विक पर्यटन संवाद का केंद्र बना, जब 26 से 28 अप्रैल तक जयपुर के जेईसीसी में 15 वें ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाज़ार (जीआईटीबी) के आयोजन में यह संदेश दिया गया कि पर्यटन अब केवल दर्शनीय स्थलों का प्रचार नहीं, बल्कि नीति, निवेश, संस्कृति और कूटनीति का संगम बन चुका है।

राजस्थान को इस आयोजन ने अनुभव-आधारित, निवेश-उन्मुख और साझेदारी-केंद्रित गंतव्य के रूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।

आयोजन का संयुक्त संचालन राजस्थान पर्यटन विभाग, भारत सरकार का पर्यटन मंत्रालय व फिक्की ने किया, जो कि सार्वजनिक–निजी भागीदारी के परिपक्व मॉडल का उदाहरण है।

राजस्थान में पर्यटन को ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री तथा पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने जयपुर के होटल, जय महल पैलेस में आयोजित उद्घाटन सत्र में अपने सम्बोधन में स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य राजस्थान को विश्व-स्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने पर्यटन को रोजगार, निवेश और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का प्रमुख आधार बताते हुए अनुभव-आधारित पर्यटन, झील संरक्षण, मरुस्थलीय पारिस्थितिकी, किलों–हवेलियों के संरक्षण, वन्यजीव स्थलों के विकास और एमआईसीई, फिल्म तथा आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार पर जोर दिया।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न के अनुरूप पर्यटन आज विकास, रोजगार और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का प्रमुख आधार बन चुका है, और राजस्थान में यह लाखों लोगों की आजीविका से जुड़कर समावेशी आर्थिक विकास को गति दे रहा है।

दिया कुमारी ने कहा कि “मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा जी के नेतृत्व में राज्य में पर्यटन को ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें पारदर्शी प्रशासन, निजी निवेश और सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता दी गई है।

निवेश-अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी, पीपीपी मॉडल और डिजिटल प्रबंधन को पर्यटन विकास की रीढ़

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने निवेश-अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी, पीपीपी मॉडल और डिजिटल प्रबंधन को पर्यटन विकास की रीढ़ बताया। वहीं भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सुमन बिल्ला ने राष्ट्रीय दृष्टि का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में पर्यटन का जीडीपी में योगदान दोगुना करने का लक्ष्य है और जीआईटीबी जैसे मंच छोटे हितधारकों को वैश्विक बाजार से जोड़ते हैं।

शासन सचिव, पर्यटन, राजस्थान सरकार, शुचि त्यागी ने कहा कि “राजस्थान सरकार ने पर्यटन को ‘ग्रोथ इंजन सेक्टर’ के रूप में प्राथमिकता दी है, जिससे नीति, निवेश और स्थानीय सहभागिता एक साथ आगे बढ़ें। इसी दृष्टि के अनुरूप जीआईटीबी के मंच से राजस्थान को एक समेकित, अनुभव-आधारित और निवेश-उन्मुख पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

देशभर के राज्य पर्यटन बोर्ड, होटल समूह, रिसॉर्ट्स, डीएमसी और ट्रैवल टेक कंपनियाँ दिखीं एक साथ

27 अप्रैल को जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर ( जेईसीसी) में प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ, जहाँ 50 देशों के 185 से 195 विदेशी टूर ऑपरेटर्स, देशभर के राज्य पर्यटन बोर्ड, होटल समूह, रिसॉर्ट्स, डीएमसी और ट्रैवल टेक कंपनियाँ एक साथ दिखीं। दो दिनों में 10,000 से अधिक प्री-शेड्यूल्ड बी2बी बैठकों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह आयोजन औपचारिक भाषणों से आगे बढ़कर वास्तविक व्यावसायिक परिणामों पर केंद्रित है। यहाँ विरासत, वेलनेस, वन्यजीव, आध्यात्मिक, ग्रामीण और इको-टूरिज्म—सभी को समान महत्व मिला, जिससे राजस्थान की छवि ‘किले–महलों’ से आगे बढ़कर ‘ईयर-राउंड एक्सपीरियंस डेस्टिनेशन’ के रूप में उभरी।

फिक्की व ईवॉय का नॉलेज पेपर

उद्घाटन अवसर पर फिक्की व ईवॉय का नॉलेज पेपर जारी किया गया, जिसमें इनबाउंड पर्यटन के नए ट्रेंड, टेक्नोलॉजी और परिवर्तनकारी अवसरों पर विमर्श प्रस्तुत किया गया।

राजस्थान की सांस्कृतिक आत्मा के हुए दर्शन

सांस्कृतिक प्रस्तुति ‘एकम द स्पिरिट ऑफ वननेस’ ने शास्त्रीय और लोक नृत्य शैलियों के माध्यम से राजस्थान की सांस्कृतिक आत्मा को दर्शाया, जहाँ विविधता में एकता का भाव पर्यटन कथा का हिस्सा बन गया।

‘ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’

आयोजन के दूसरे दिन ‘ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ के माध्यम से राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इससे उद्योग में गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धा की भावना को बल मिला।

पैलेस ऑन व्हील का अवलोकन

समापन दिवस पर विदेशी टूर ऑपरेटर्स को खातीपुरा स्टेशन पर विश्वप्रसिद्ध लग्ज़री ट्रेन पैलेस ऑन व्हील का अवलोकन कराया गया। राजस्थानी शाही साज-सज्जा और विश्वस्तरीय सुविधाओं ने लग्ज़री पर्यटन में राजस्थान की विशिष्ट पहचान को और मजबूत किया।

तीन विशेष फैम टूअर सर्किट्स पर 45 विदेशी टूर ऑपरेटर्स को किया गया रवाना

जीआईटीबी के तुरंत बाद 29 अप्रैल से 45 विदेशी टूर ऑपरेटर्स को तीन विशेष फैम टूअर सर्किट्स पर रवाना किया गया—जयपुर–कोटा–उदयपुर–देवगढ़, जयपुर–आभानेरी–सरिस्का–रणथंभौर, और जयपुर–पुष्कर–जोधपुर–जैसलमेर–बीकानेर–मंडावा। यह पहल बताती है कि जीआईटीबी केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि अनुभव के माध्यम से भरोसा बनाने की प्रक्रिया है, जहाँ विदेशी प्रतिनिधि स्वयं गंतव्यों को देख-समझ कर अपने बाजार में प्रस्तुत करेंगे।

पर्यटन को सीधे आजीविका, स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास से जोड़ने का संदेश

पूरे आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा कि इसमें स्थानीय गाइड, कार रेंटल ऑपरेटर, स्वयं सहायता समूह, इको-टूरिज्म पहल और छोटे उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। इससे पर्यटन को सीधे आजीविका, स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास से जोड़ने का संदेश गया। जीआईटीबी का यही उद्देश्य है कि राज्य की विविध पर्यटन क्षमताओं को वैश्विक ट्रैवल बाजार से जोड़ना है तथा नीति और बाजार के बीच की दूरी को समाप्त करते हुए पर्यटन नीतियों को सीधे टूर ऑपरेटर्स, निवेशकों और ट्रैवल इंडस्ट्री के हितधारकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके।

सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर

वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच 50 देशों की भागीदारी ने यह भी सिद्ध किया कि राजस्थान और भारत की सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर विश्व को आकर्षित करने में सक्षम है।

पारंपरिक प्रचार से आगे बढ़कर संरचित वैश्विक सहभागिता, निवेश-अनुकूल नीतियों और अनुभव-समृद्ध मॉडल की दिशा में बढ़ चुका है राजस्थान पर्यटन

जीआईटीबी 2026 ने स्पष्ट कर दिया कि राजस्थान पर्यटन अब पारंपरिक प्रचार से आगे बढ़कर संरचित वैश्विक सहभागिता, निवेश-अनुकूल नीतियों और अनुभव-समृद्ध मॉडल की दिशा में बढ़ चुका है। यदि यहाँ हुई बी2बी बैठकों के परिणाम वास्तविक साझेदारियों में बदलते हैं, फैम टूअर के अनुभव अंतरराष्ट्रीय पैकेजों में शामिल होते हैं और अवॉर्ड्स से प्रेरित गुणवत्ता धरातल पर उतरती है, तो निकट भविष्य में राजस्थान सचमुच विश्व-स्तरीय, अनुभव-आधारित पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित होता दिखाई देगा।

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