भारत ने अग्रसक्रिय रक्षा नीति विकसित की है : शाह

कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि देश आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने प्रभावी और ‘‘अग्रसक्रिय’’ रक्षा नीति विकसित की है। शाह ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक करने के मामले में भारत अब अमेरिका और इजराइल जैसे देशों के समूह में शामिल हो गया है। उन्होंने राजरहाट में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के नये भवन का उद्घाटन करते हुए कहा, “आतंकवाद को हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। भारत में पहले अग्रसक्रिय रक्षा नीति नहीं थी। अब, मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद, हमने एक अग्रसक्रिय रक्षा नीति विकसित की है जो विदेश नीति से अलग है।’’ शाह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर एनएसजी को आतंकवाद रोधी बल के रूप में मान्यता मिली है।

गृहमंत्री ने कहा, ‘‘ भारत ने अपने 10,000 साल के इतिहास में कभी भी हमला नहीं किया है। लेकिन किसी ने हमारी जमीन पर घुसपैठ की कोशिश की और हमारे जवानों पर हमले की हिमाकत की तो उन्हें मुंहतोड़ जवाब देंगे।’’

शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ऐसी नीति पर काम कर रही है जिससे जवानों को अपने परिवारों के साथ रहने के लिए साल में कम से कम 100 दिनों की छुट्टी मिले।

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए एनएसजी जवानों की प्रशंसा करते हुए गृहमंत्री ने कहा, ‘‘ हमने इसे विश्व का सबसे बेहतर बल बनाने के लिए कदम उठाए हैं।’’

उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान हमेशा कोशिश होती है कि कम से कम समय में आतंकवादियों को मार गिराया जाए।

शाह ने कहा कि उन्होंने दो आतंकवाद रोधी अभियानों- 2002 अक्षरधाम मंदिर पर हमला और 2008 में मुंबई हमला- को गुजरात के गृहमंत्री के रहने के नाते बहुत करीब से देखा है।

शाह ने यहां पर एनएसजी के 29 स्पेशल कम्पोजिट ग्रुप कॉम्प्लेक्स और हैदराबाद, चेन्नई और मुंबई में बल के आवासीय संकुलों का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं पर कुल 245 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

गृहमंत्री संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ विपक्षी पार्टियों के विरोध के बीच यहां पहुंचे। शहर के विभिन्न स्थानों पर उनका विरोध हुआ।

एनएसजी के महानिदेशक अनूप कुमार सिंह ने कहा कि शाह का मजबूत व्यक्तित्व और दृष्टि है एवं फैसला लेने की क्षमता है, जिससे सुरक्षा बलों को नयी दिशा मिली है।

उन्होंने बताया कि मुंबई हमले के बाद पांच क्षेत्रीय एनएसजी केंद्र बनाने का फैसला किया गया था ताकि किसी भी स्थान पर यथाशीघ्र पहुंचा जा सके। एक और केंद्र स्थापित हो रहा है।

अधिकारी ने बताया कि एनएसजी का कोलकाता केंद्र बिहार और पश्चिम बंगाल के अलावा अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के लिए भी कार्य करेगा।

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