आधुनिक डेटिंग में कंसेंट के प्रति युवा दिल्लीवासियों का क्या रूझान है ?


नई दिल्ली। नए लोगों से मिलने के लिए दुनिया का सबसे लोकप्रिय ऐप, टिंडर ‘लेट्स टॉक कंसेंट’ अभियान वापस लेकर आया है। इस अभियान द्वारा हमारा उद्देश्य सुरक्षित डेटिंग और सहमति के बारे में वार्ताओं को प्रोत्साहित करना है। इस साल इस अभियान की शुरुआत एक शॉर्ट फिल्म, ‘‘वी नीड टू टॉक’’ के साथ हुई, जिसमें भारतीय युवाओं के व्यक्तिगत संबंधों में सहमति की बारीकियाँ तलाशी गई हैं। इसके बाद अपनी तरह का पहला कंसेंट एंड सेफ डेटिंग पाठ्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा, जो विशेषज्ञों द्वारा बनाया गया है। यह पाठ्यक्रम ऑनलाईन और चुनिंदा विश्वविद्यालयों में व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध होगा और युवाओं को इस विषय में स्वस्थ बातचीत करने के लिए उचित जानकारी एवं सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराएगा। इस साल का अभियान युवा और पिंक लीगल के साथ गठबंधन में टिंडर के पिछले साल लॉन्च किए गए मौजूदा रिसोर्स सेंटर www.letstalkconsent.com पर निर्मित है।

टिंडर द्वारा हाल ही में किए गए सर्वे में सामने आया कि भारत में अधिकांश युवाओं के पास सहमति को लेकर आत्मविश्वास या तो कम है या बिल्कुल भी नहीं है और उन्हें इस विषय में बात करने में मुश्किल होती है। दिल्ली में किए गए एक सर्वे में 70 प्रतिशत•• युवाओं ने बताया कि किसी को डेट करते वक्त उन्हें कंसेंट देने, मांगने या खारिज करने में झिझक होती है। कंसेंट का उल्लंघन कब और कैसे हुआ, इस बारे में 68 प्रतिशत युवा दिल्लीवासी अपनी डेट/पार्टनर के बारे में चुप रहे और इस बारे में अपने दोस्त या ऑनलाईन संसाधनों की मदद ली, जिससे इस विषय में निरंतर बात किए जाने की जरूरत प्रदर्शित होती है। इनमें से 70 प्रतिशत युवाओं का मानना है कि कंसेंट के बारे में पार्टनर के साथ ज्यादा खुलकर बात होनी चाहिए।

नई दिल्ली से 23 वर्षीय टिंडर सदस्य, श्रेयस कोर्डे ने कहा, ‘‘यदि आप सोचते हैं कि कंसेंट मांगने से मूड खराब हो जाता है, तो यहाँ आप सही नहीं हैं। जब तक आप पूछेंगे नहीं, तब तक आपको कैसे पता चलेगा कि आपका साथी यह चाहता है या नहीं? सीधे सवाल पूछने जैसे ‘‘क्या आप इसमें सहज महसूस करते हैं?’’ या ‘‘क्या मैं आपकी अनुमति मांग सकता हूँ?’’ से इस बात की पुष्टि हो जाती है कि मैं और मेरा साथी इस स्थिति में सहज महसूस करते हैं। इससे डेटिंग का पूरा अनुभव मजेदार और रोमांचक बन जाता है।’’

टिंडर एंड मैच ग्रुप इंडिया की जीएम, तारू कपूर ने कहा, ‘‘भारत में टिंडर सदस्यों के साथ हमारी बातचीत और व्यस्क युवा डेटर्स के सर्वे में हमें सीमाओं और पारस्परिक सम्मान की वार्ताओं के लिए एक सुरक्षित जगह बनाने की गहन जरूरत की जानकारी मिली। इस बारे में हमारे समाज में अक्सर बातचीत नहीं होती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लेट्स टॉक कंसेंट अभियान का उद्देश्य युवाओं को ऐसे टूल्स व संसाधन प्रदान करना है, जिनकी मदद से वो समझ सकें कि विकल्प चुनने, पारस्परिक समझौता करने और कठिन विषयों पर खुलकर वार्ताएं करने के लिए सहमति कैसे स्वतंत्रता के बराबर है। ऐप में सुरक्षा उत्पादों और इस तरह के अभियानों के साथ हम देश में डेटिंग का एक सेहतमंद परिवेश स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’

सुरक्षा के लिए टिंडर की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता संदेश भेजने के लिए पारस्परिक सहमति के साथ शुरू होती है। पिछले कई सालों से यह ऐप सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा विशेषताओं का निर्माण करता आ रहा है और यह सदस्यों को इस बात का पूरा नियंत्रण प्रदान करता है कि वो किनसे संवाद करना चाहते हैं और किसी भी वक्त सहमति वापस लेने का अधिकार सुरक्षित रखते हुए हर संवाद की गति व भावना को निर्धारित करता है। यह अभियान टिंडर के विस्तृत भरोसे और सुरक्षा प्रयासों का हिस्सा है, ताकि ऐप में और उसके बाहर सदस्यों की सक्रिय शिक्षा में सहयोग मिल सके। इसकी कई सुरक्षा विशेषताएं और अभियान उद्योग के मानक बन चुके हैं, क्योंकि डेटर्स अब विकल्प, नियंत्रण एवं एजेंसी को महत्व देते हैं, जो टिंडर उनके डेटिंग के पूरे सफर में टिंडरः वीडियो चैट के साथ प्रस्तुत करता है। इसका डिज़ाईन टिंडर की सुरक्षा टीम ने प्रि-आईआरएल डेट संभव बनाने के लिए किया, जिसमें आराम को सर्वोपरि रखा जाता है। फोटो वैरिफिकेशन सुनिश्चित करता है कि सदस्य खुद को जो बता रहे हैं, वही हों। ब्लॉक कॉन्टैक्ट्स द्वारा आप किसी भी साथी या एक्स को ब्लॉक कर सकते हैं। अपडेटेड रिपोर्टिंग प्रक्रिया में उत्पाद की अन्य विशेषताओं के साथ ‘डज़ दिस बॉदर यू’ और ‘आर यू श्योर’ हैं, जो सुनिश्चित करते हैं कि मिलने से लेकर पहली डेट पर जाने तक आपके पास सभी टूल्स मौजूद रहें।

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