नई दिल्ली/कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहा विवाद अब चुनाव आयोग के समक्ष पहुंच गया है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 17 सितंबर को जारी अंतरिम आदेश में दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को फिलहाल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और पार्टी के आरक्षित ‘फूल और घास’ (Flowers & Grass) चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया है।
आयोग का यह अंतरिम प्रबंध आगामी उपचुनावों के मद्देनजर किया गया है। आयोग ने दोनों पक्षों से तीन-तीन वैकल्पिक नाम और निर्वाचन आयोग की फ्री सिंबल सूची से तीन-तीन चुनाव चिह्न के विकल्प मांगे हैं। दोनों पक्षों को ये विकल्प 18 सितंबर को सुबह 11 बजे तक देने थे। आयोग इनमें से प्रत्येक गुट के लिए अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित करेगा।
अंतिम फैसला अभी लंबित
निर्वाचन आयोग के मुताबिक यह व्यवस्था फिलहाल अंतरिम है। पार्टी के नाम, संगठनात्मक नियंत्रण और आरक्षित चुनाव चिह्न पर दोनों पक्षों के दावों की अंतिम सुनवाई और निर्णय अभी बाकी है। आयोग इस विवाद पर Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 के पैराग्राफ 15 के तहत आगे निर्णय करेगा।
आयोग ने कहा है कि अंतरिम व्यवस्था का उद्देश्य दोनों प्रतिद्वंद्वी समूहों को चुनावी प्रक्रिया में समान स्थिति उपलब्ध कराना और अंतिम निर्णय तक उनके अधिकारों एवं हितों की रक्षा करना है।
6 अक्टूबर को प्रस्तावित हैं उपचुनाव
यह अंतरिम आदेश 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनावों को प्रभावित करेगा। दोनों गुट अब इन चुनावों में मौजूदा TMC नाम और आरक्षित चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
‘फूल और घास’ TMC का आरक्षित चुनाव चिह्न रहा है, जिसे निर्वाचन आयोग के मान्यता प्राप्त दलों के रिकॉर्ड में All India Trinamool Congress के साथ दर्ज किया गया है।
इस बीच दोनों गुटों के बीच पार्टी के नाम, संगठन और चुनाव चिह्न पर अधिकार को लेकर विवाद जारी है। आयोग का अंतिम निर्णय यह तय करेगा कि पार्टी की आधिकारिक चुनावी पहचान को लेकर आगे क्या व्यवस्था होगी।

