JPSC-JSSC विवाद: रांची में छात्रों का विधानसभा घेराव मार्च, बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी; BJP नेताओं को हिरासत में लिया गया

 

रांची, झारखंड: झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों ने ‘विधानसभा घेराव’ मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों ने पुरानी विधानसभा भवन के पास लगाए गए पुलिस बैरिकेड को तोड़ दिया और नई विधानसभा भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की।

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। वहीं, मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे बीजेपी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बीजेपी नेता JPSC-JSSC में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

बाबूलाल मरांडी ने की CBI जांच की मांग

झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने छात्रों के आंदोलन को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्र लगातार अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं, जबकि सरकार लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

बाबूलाल मरांडी ने कहा, “छात्र अपना विरोध जारी रखे हुए हैं, लेकिन सरकार लोगों का ध्यान भटका रही है। JPSC-JSSC-CGL इन सभी की CBI से जांच होनी चाहिए।”

महुआ माजी ने कहा- 98 प्रतिशत मांगें मानी गईं

वहीं, JMM सांसद महुआ माजी ने कहा कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल और मंत्रियों के बीच हुई बैठक में छात्रों की 98 प्रतिशत मांगों को मान लिया गया था। उन्होंने कहा कि बैठक के बाद छात्रों और मंत्रियों दोनों की ओर से इस बात की जानकारी दी गई थी और छात्रों ने भी इसे स्वीकार किया था।

महुआ माजी ने कहा कि बाद में कुछ राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप के कारण छात्रों का विरोध फिर शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि अब जो लगभग 2 प्रतिशत मांगें बची हैं, उनमें एक ऐसी परीक्षा से जुड़ा मामला भी शामिल है, जिसका परिणाम सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश के बाद जारी हुआ था और कई अभ्यर्थियों को नौकरी भी मिल चुकी है।

उन्होंने कहा कि जब तक अदालत का आदेश नहीं होता, सरकार के स्तर से उस परीक्षा को रद्द करना संभव नहीं है। महुआ माजी ने छात्रों से विरोध मार्च नहीं निकालने की अपील भी की।

JPSC परीक्षा मामले में ED ने दर्ज की ECIR

इसी बीच, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की है।

JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन, विपक्ष की CBI जांच की मांग और ED की ECIR दर्ज किए जाने के बाद यह मामला और महत्वपूर्ण हो गया है। फिलहाल छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है और सरकार की ओर से उन्हें आंदोलन समाप्त कर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की जा रही है।

 

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