कानपुर। देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी ने राजनीति में अपने अनुभव को लेकर बड़ा बयान दिया है। कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ना उनके जीवन की एक बड़ी भूल थी और यदि मौका मिला तो वह ऐसी गलती दोबारा कभी नहीं करेंगी।
रोटरी क्लब ऑफ कानपुर ग्रेटर के 31वें अधिष्ठापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं डॉ. बेदी ने कहा, “इंसान अपनी पुरानी गलतियों से सीखता है। बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ना मेरी ऐसी गलती थी, जिसे मैं दोबारा कभी नहीं दोहराऊंगी। मुझे राजनीति में प्रवेश ही नहीं करना चाहिए था।”
डॉ. किरण बेदी का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को आत्ममंथन के रूप में देखते हुए स्वीकार किया कि चुनावी राजनीति में उतरने का फैसला उनके लिए सही नहीं रहा।
कार्यक्रम के दौरान जब उनसे समसामयिक राजनीतिक मुद्दों, जिनमें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सोनम वांगचुक के आंदोलन से जुड़े सवाल शामिल थे, पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं इन विषयों को फॉलो नहीं करती हूं, इसलिए इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं समझती।”
उल्लेखनीय है कि डॉ. किरण बेदी ने वर्ष 2015 में भाजपा के टिकट पर दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ा था। बाद में उन्हें पुडुचेरी का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था। अब राजनीति में प्रवेश को लेकर दिया गया उनका यह बयान एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

