मॉन्‍डेलीज़ इंडिया ने कोविड.19 संकट के दौरान 71 टन बिस्किट्स और चॉकलेट्स डोनेट करेगा

नई दिल्ली। भारत में कुछ मनपसंद स्नैकिंग ब्रैंड, जैसे कैडबरी डेयरी मिल्क, बोर्नविटा और ओरियो बिस्किट बनाने वाले निर्माता मॉन्‍डेलीज़ इंडिया ने कोविड-19 संकट के खिलाफ भारत की जंग में सहयोग देने का संकल्प लिया है। गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए कंपनी ने भारत के 12 प्रमुख शहरों में इंडिया फूड बैंकिंग नेटवर्क को 360,000 बिस्किट के पैकेट और 23 लाख चॉकलेट के पैकेट डोनेट करने का संकल्‍प लिया है। यह एक ऐसा संवेदनशील दौर है, जिसमें सभी लोगों के भोजन की जरूरत को पूरा करना एक बहुत बड़ी चिंता बन गई है। कंपनी की ओर से की गई यह साझेदारी गरीबों और जरूरतमंदों को खाना बांटने की व्यवस्था को मजबूत बनाने में काफी मदद करेगी। कंपनी के प्रॉडक्ट्स आसानी से लोगों में बांटे जा सकते हैं। इन्हें खाना भी काफी आसान है। इस दिशा में कंपनी की ओर से किए गए प्रयासों के अलावा मॉन्‍डेलीज़ इंडिया के कर्मचारियों ने उदारतापूर्वक अक्षय पात्र फाउंडेशन में दान किया है, जिसकी मदद से अब तक 1 लाख लोगों के भोजन का प्रबंध हो पाया है। कंपनी के कर्मचारी अप्रैल 2020 में इसी तरह से सहयोग देते रहेंगे।

कोरोना वायरस के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार के साथ इस सदी की सबसे बड़ी जंग लड़ते हुए कंपनी ने हेल्थकेयर प्रॉडक्ट्स की बढ़ती हुई मांग को पूरा किया है। कंपनी ने मुंबई में 1 लाख मास्क और करीब 225 लीटर सैनेटाइज़र भी बांटा है, जिससे कोरोना वायरस के खिलाफ सबसे आगे रहकर जंग लड़ने वाले लोगों को मदद मिलेगी, जिसमें अस्पताल का स्‍टॉफ और पुलिस कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी ने हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में अपनी फैक्ट्रियों के आस-पास स्थानीय प्रशासन को 1800 राहत किट बांटकर इस लड़ाई में अपना सहयोग दिया है। इस रिलीफ किट में मास्क, सैनेटाइज़र और कुछ स्नैक प्रॉडक्ट्स जैसे चॉकलेट, बिस्किट और टैंग शामिल है।

मॉन्‍डेलीज़ इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, “मॉन्‍डेलीज़ इंडिया में हम अपने उद्देश्य को पूरा करने की ताकत में काफी विश्वास रखते हैं। हमने देश के लिए हर समय लचीला फूड सिक्युरिटी इकोसिस्टम सुनिश्चित कर सहयोग देने का संकल्‍प लिया है। हमें उम्मीद है कि इंडिया फूड बैंकिंग नेटवर्क और अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ हमारी साझेदारी से गरीबों की मदद के लिए चलाए गए राहत कार्यक्रमों में छोटे रूप में ही सही, लेकिन महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए हम विभिन्न समुदायों की रोजी-रोटी के साधनों को सुरक्षित रखने के लिए उचित कदम उठाने में सरकार के साथ करीबी सहयोग से काम करना जारी रखेंगे।”

 

 

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