नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के करीब 7,000 जवानों को दिल्ली में कानून-व्यवस्था संभालने के लिए बुलाया गया है। मीडिया में छपी खबरों के अनुसार, इस तैनाती को लेकर जारी संदेश में ‘MOST URGENT’ यानी ‘बेहद जरूरी’ का उल्लेख किया गया है।
दंगा-रोधी उपकरण और गोला-बारूद साथ रखने के निर्देश
रिपोर्ट के अनुसार, CRPF की संबंधित इकाइयों को नवीनतम दंगा-रोधी उपकरण, अभियान के लिए आवश्यक हथियार और निर्धारित मात्रा में गोला-बारूद के साथ तैनाती के लिए तैयार रहने को कहा गया है। जवानों को ड्यूटी, अनुशासन और सुरक्षा संबंधी सावधानियों के बारे में आवश्यक निर्देश देने की बात भी सामने आई है।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा प्रबंध मजबूत किए जा रहे हैं। राजधानी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अतिरिक्त तैनाती और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी मीडिया रिपोर्टें सामने आई हैं।
अमित शाह के दिल्ली में रहने की खबर
रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली में रहकर स्थिति पर नजर रखेंगे। यह भी बताया गया है कि उन्होंने दिल्ली से बाहर के अपने निर्धारित दौरे रद्द कर दिए हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि को अलग से देखना जरूरी है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
CJP और विभिन्न संगठनों ने 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग उनके इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की है। दिल्ली में इस मुद्दे को लेकर पहले भी विरोध-प्रदर्शन हो चुके हैं।
प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है। अधिकारियों के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी रहेगी।

