गुजरात पुलिस की कमान उत्तर प्रदेश के बेटे ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक के हाथों में, बने नए डीजीपी

गांधीनगर/नोएडा: गुजरात सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक (Gyanendra Singh Malik) को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के दनकौर क्षेत्र स्थित भट्टा पारसौल गांव के निवासी ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक ने पदभार ग्रहण कर लिया है। उनकी नियुक्ति को गुजरात पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है।

वर्ष 1993 बैच के गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक अपनी ईमानदार कार्यशैली, प्रशासनिक दक्षता और लंबे पुलिसिंग अनुभव के लिए जाने जाते हैं। गुजरात सरकार ने उनकी सेवाओं और अनुभव को देखते हुए राज्य पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी सौंपी है।

इंजीनियरिंग से आईपीएस तक का सफर

ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक ने Banaras Hindu University से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने Gujarat University से एलएलबी की पढ़ाई भी की। प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने गुजरात के विभिन्न जिलों और महत्वपूर्ण विभागों में अपनी प्रभावी भूमिका निभाई।

हाल ही तक वह Ahmedabad के पुलिस आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें गुजरात पुलिस का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई है।

गुजरात के कई जिलों में निभाई अहम भूमिका

आईपीएस प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद उनकी पहली नियुक्ति भुज में अपर पुलिस अधीक्षक के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्होंने डांग, पोरबंदर, सुरेंद्रनगर, अहमदाबाद ग्रामीण, भरूच और कच्छ सहित कई जिलों में सेवा दी।

पदोन्नति के बाद उन्होंने अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा रेंज के प्रभारी के रूप में कार्य किया। इसके अलावा वे गुजरात के राज्यपाल के एडीसी भी रह चुके हैं। उन्हें अहमदाबाद और वडोदरा में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के रूप में भी कार्य करने का अवसर मिला।

24 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती का रिकॉर्ड

ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक के नाम गुजरात पुलिस भर्ती प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज है। पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने राज्य में लगभग 24 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कराया।

उन्होंने सीआईडी (क्राइम), इंटेलिजेंस विभाग, एंटी करप्शन ब्यूरो, आबकारी विभाग और गृह विभाग में सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया है। इस व्यापक अनुभव ने उन्हें राज्य के सबसे वरिष्ठ और सक्षम पुलिस अधिकारियों में शामिल किया है।

केंद्र सरकार में भी निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक ने केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भी सेवाएं दी हैं। इस दौरान उन्होंने लगभग चार वर्षों तक Border Security Force में कार्य करते हुए सीमा सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। बाद में उन्हें Central Industrial Security Force में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।

प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद उन्हें अहमदाबाद का पुलिस आयुक्त बनाया गया, जहां उनके नेतृत्व में शहर की कानून-व्यवस्था को नई मजबूती मिली।

अहमदाबाद को दिलाई सुरक्षित शहर की पहचान

पुलिस आयुक्त के रूप में उनके कार्यकाल को काफी सफल माना जाता है। उनके नेतृत्व में अहमदाबाद ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, शहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित शहरों में शामिल कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अब गुजरात पुलिस के नए डीजीपी के रूप में ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक के सामने राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने तथा नागरिक सुरक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की चुनौती होगी।

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