मुंबई। भारत के प्रमुख उद्योग संगठन एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) ने श्री मिलिंद हार्डीकर को महाराष्ट्र राज्य परिषद का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।
श्री हार्डीकर उद्योग जगत, रणनीतिक व्यावसायिक पहलों और नीति-आधारित विकास में समृद्ध अनुभव लेकर आते हैं। वर्तमान में वे वेलस्पन समूह में डायरेक्टर – ग्रुप स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स के पद पर कार्यरत हैं, जहां उन्होंने नवाचार-आधारित व्यवसाय परिवर्तन, सतत औद्योगिक विकास और विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक विस्तार को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है।
अपने विचार साझा करते हुए श्री हार्डीकर ने कहा कि वर्तमान मूल्यों के आधार पर महाराष्ट्र का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) वित्त वर्ष 2027 तक 650–700 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच पहुंचने का अनुमान है, जिससे यह देश की सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
पिछले एक दशक (FY16–FY26) में राज्य ने 10% से अधिक की मजबूत वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की है। प्रति व्यक्ति GSDP ₹3.61 लाख से अधिक रहने का अनुमान है, जो बढ़ती आय और उद्योग, सेवा तथा निवेश-आधारित विकास की निरंतर गति को दर्शाता है।
राज्य की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का वर्चस्व है, जो कुल GSDP का लगभग 60% योगदान देता है। इसमें वित्त, व्यापार, रियल एस्टेट और आईटी प्रमुख क्षेत्र हैं। उद्योग क्षेत्र का योगदान 26% है, जिसे विनिर्माण और निर्माण गतिविधियों का समर्थन प्राप्त है, जबकि कृषि का हिस्सा घटकर 14% रह गया है, यह आर्थिक संरचना में बदलाव को दर्शाता है, हालांकि ग्रामीण आजीविका के लिए इसकी भूमिका अभी भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
वर्ष 2019 से 2025 के बीच महाराष्ट्र ने ₹8.32 लाख करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित किया, जिससे यह देश में शीर्ष स्थान पर रहा। राज्य का निर्यात 65–75 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच रहा है, जिसमें इंजीनियरिंग उत्पाद और आभूषण प्रमुख हैं। मजबूत आर्थिक आधार और विविधीकरण के चलते महाराष्ट्र के 2030 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है, जो बुनियादी ढांचे, नवाचार और नीति समर्थन से प्रेरित होगी।
नई जिम्मेदारी के तहत, श्री हार्डीकर महाराष्ट्र राज्य परिषद के अध्यक्ष के रूप में उद्योग संवाद को मजबूत करने, नीति-समर्थन को बढ़ावा देने और राज्य में निवेश, नवाचार एवं आर्थिक विकास को गति देने के लिए ASSOCHAM के प्रयासों का नेतृत्व करेंगे। परिषद सरकार, उद्योग जगत और उभरते उद्यमों के साथ मिलकर महाराष्ट्र के विकास एजेंडा को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएगी। उनके शुरुआती फोकस क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा शामिल होंगे।
एसोचैम को विश्वास है कि श्री हार्डीकर के नेतृत्व और रणनीतिक दृष्टिकोण से राज्य में औद्योगिक प्रतिस्पर्धा, कारोबार में सुगमता और सतत विकास को नई दिशा मिलेगी।

