वाधवानी फाउंडेशन और गेट्स फाउंडेशन की साझेदारी से भारत में रिसर्च आधारित नवाचारों को मिलेगी नई गति

नई दिल्ली। भारत में रिसर्च आधारित नवाचारों को बढ़ावा देने और उन्हें बड़े स्तर पर सामाजिक प्रभाव तक पहुंचाने के उद्देश्य से वाधवानी फाउंडेशन और गेट्स फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण साझेदारी की है। दोनों संस्थाओं ने हाल ही में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत नेशनल इनोवेशन नेटवर्क (NIN) के माध्यम से देश में रिसर्च, नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा देने का लक्ष्य रखा गया है।

यह सहयोग वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क (WIN) के राष्ट्रीय विस्तार के रूप में कार्य करेगा और स्वास्थ्य, पोषण, बायोटेक्नोलॉजी, जीनोमिक्स, मेडटेक तथा अन्य उभरती तकनीकों जैसे क्षेत्रों पर विशेष रूप से केंद्रित रहेगा। इसका उद्देश्य शोध कार्यों को केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यावहारिक समाधानों में बदलकर समाज तक पहुंचाना है।

इस पहल के तहत गेट्स फाउंडेशन अगले पांच वर्षों में पांच नेशनल इनोवेशन नेटवर्क सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (CoEs) को सहयोग प्रदान करेगा। इनमें से दो सेंटर्स की शुरुआत इसी वर्ष की जाएगी।

ये सेंटर शोधकर्ताओं और नवाचारकर्ताओं को शुरुआती प्रयोगशाला स्तर के शोध (TRL-4+) को वास्तविक उपयोग तक पहुंचाने में मदद करेंगे। इसके तहत प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट डेवलपमेंट, प्रोटोटाइपिंग, वैलिडेशन, पायलट डिप्लॉयमेंट, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी सपोर्ट, कमर्शियलाइजेशन, स्टार्टअप निर्माण और इंडस्ट्री पार्टनरशिप्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

अब तक वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क ने हेल्थटेक, मेडटेक, बायोटेक्नोलॉजी और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में 50 से अधिक उच्च क्षमता वाले प्रोजेक्ट्स को समर्थन दिया है। साथ ही IIT Bombay, IIT Madras, IIT Delhi, IIT Kanpur, IIT Hyderabad, IIT (ISM) Dhanbad, भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) और C-CAMP जैसे प्रमुख संस्थानों में सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं।

आने वाले समय में IIT कानपुर में वाधवानी स्कूल ऑफ AI एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स तथा IIT बॉम्बे में वाधवानी हेल्थ एंड बायो हब जैसे सुपर हब्स स्थापित किए जाएंगे।

NIN को एक व्यापक सहयोग मंच के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां सरकारी संस्थान, परोपकारी संगठन, कॉरपोरेट्स, CSR पहल और अन्य साझेदार मिलकर ट्रांसलेशनल रिसर्च और इनोवेशन को गति देंगे। इसके लिए वाधवानी फाउंडेशन द्वारा विकसित साझा ऑपरेशनल और गवर्नेंस फ्रेमवर्क का उपयोग किया जाएगा।

वाधवानी फाउंडेशन के CEO और बोर्ड सदस्य डॉ. अजय केला ने कहा कि यह साझेदारी भारत की इनोवेशन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि NIN के माध्यम से देशभर के शोधकर्ताओं, संस्थानों और उद्यमियों को अपने विचारों को उत्पादों, स्टार्टअप्स और सामाजिक प्रभाव में बदलने का अवसर मिलेगा।

वहीं, गेट्स फाउंडेशन इंडिया कंट्री ऑफिस की डायरेक्टर अर्चना व्यास ने कहा कि आने वाले दशक के कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और पोषण संबंधी नवाचार भारतीय संस्थानों से सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी डिस्कवरी से डिप्लॉयमेंट तक इनोवेशन की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करेगी और भारत के साथ-साथ ग्लोबल साउथ के लिए किफायती तथा प्रभावशाली समाधान विकसित करने में मदद करेगी।

नेशनल इनोवेशन नेटवर्क का लक्ष्य अगले तीन से पांच वर्षों में देशभर में 250 से अधिक सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करना है। इन केंद्रों के माध्यम से ट्रांसलेशनल रिसर्च, शोधकर्ता-नेतृत्व वाले उद्यम, वेंचर क्रिएशन और कमर्शियलाइजेशन को बढ़ावा मिलेगा।

इस पहल से हर वर्ष हजारों नवाचारों को प्रयोगशालाओं से बाजार और समाज तक पहुंचाने की उम्मीद है, जिससे भारत में नवाचार आधारित सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे।

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