मस्तराम जिंदाबाद
नई दिल्ली। वे बेकार थे और सडकों से अधिक दफ्तरों के चक्कर लगाते थे । भूखे थे और घर से पैसे आने बंद थे । एक होटल में पहुंचे और …
Harpal ki khabar
साहित्य
नई दिल्ली। वे बेकार थे और सडकों से अधिक दफ्तरों के चक्कर लगाते थे । भूखे थे और घर से पैसे आने बंद थे । एक होटल में पहुंचे और …
नई दिल्ली। वह दिन और दिनों जैसा ही था । अब दुर्घटना की याद हो आने पर वही दिन एक उदास दिन के रूप में याद आता है । मैं …
नई दिल्ली। राहत इंदौरी का एक शेर है, बुज़ुर्ग कहते थे एक वक़्त आएगा जिस दिन, जहाँ पे डूबेगा सूरज वहीं से निकलेगा…बात गहरी है, क्योंकि एक परिवार, पीढ़ियों दर …
नई दिल्ली। हम सब शब्दों के जादूगर हैं । किसी भलेमानस ने कहा था और मैंने विश्वास नहीं किया था । अब मैं कह रहा हूं और आपको भी विश्वास …
नई दिल्ली। इस लॉकडाउन की दुनिया के कारण सभी का जीवन चुनौतीपूर्ण और कठिन हो गया है। इसमें सभी संभावनाएं हैं, कोई भी इंसान इसके प्रभाव से अछूता नहीं है। …
– अशेष (आचार्य चन्द्रशेखर शास्त्री) हे मानव! तुम शक्तिपुंज हो….! अन्तस् में छिपी है ऊर्जा असीम तुमसे जगमगा सकता है संसार! तुममें है वह शक्ति अपार! यह न कहानी है …
– संजीव राय इतिहास से विलुप्त पुराण से निर्वासित हम लौट रहे हैं इन्द्रप्रस्थ से हमने अपने नाखून से खोदे जलाशय बैल का जुआठ गले में बांध कर, अरावली में …
तपन झा जिंदा रहे तो फिर से आयेंगे बाबू तुम्हारे शहरों को आबाद करने । वहीं मिलेंगे गगन चुंबी इमारतों के नीचे प्लास्टिक के तिरपाल से ढकी झुग्गियों में । …
नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित विश्व प्रसिद्ध बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री कैलाश सत्यार्थी लॉकडाउन से बेरोजगार हुए प्रवासी मजदूरों और उनके बच्चों को लेकर चिंतित हैं। उनकी मदद के लिए …
कोटि-कोटि जगमग दीपों में, एक दीप मेरा भी अर्पण ।। पश्चिम जनित दुष्ट कोरोना, भरतभूमि पर नहीं टिकेगा। महाप्रलय भी ठहर न पाये, इसको भी इतिहास लिखेगा। कर्मवीर कर रहे …