पत्रकार स्वतंत्र होता है , मजबूर नहीं : डाॅ पाटिल
पत्रकार स्वतंत्र होता है , मजबूर नहीं । परंतु मुनाफे की मजबूरी से मीडिया यानी लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कमजोर हो रहा है । आजकल जो हालात हैं उनमें सरकार …
Harpal ki khabar
साहित्य
पत्रकार स्वतंत्र होता है , मजबूर नहीं । परंतु मुनाफे की मजबूरी से मीडिया यानी लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कमजोर हो रहा है । आजकल जो हालात हैं उनमें सरकार …
और तुम मेरे सपने में आते ज़रूर हो पर छट-पटा रहे होते हो किसी और के इंतज़ार में। इधर क्या ख़्वाब, क्या हक़ीक़त बुनती रही मोहब्बत …
दूरदराज के गांव में बैठी भरपाई ने अखबार बेचने वाले छोकरे को जिस दिन अखबार देने को कहा था, तब वह पूछे बिना नहीं रह पाया था कि ताई आखर …
डॉ. दीपमाला जीवन कुदरत का दिया सबसे बेशकीमती उपहार है, जिसमें अनगिनत संभावनाएं छिपी हुई है। लेकिन अधिकांशत: अज्ञान और जागरूकता के अभाव में यही जीवन समस्याओं का अखाड़ा बन …
दंगों से भरा अखबार मेरे हाथ में है पर नजरें खबरों से कहीं दूर अतीत में खोई हुई हैं । इधर मुंह में लार टपकती उधर दादी मां के आदेश …
हम रोज चिड़ियों के लिए घर की बाहरी दीवार पर दाना डालते । चिडियां भी सुबह सवेरे चहचहाना शुरू कर देतीं । मानो अपना दाना मांग रही हों । हम …
रिश्ते रबड़ की तरह होते हैं रिश्ते रबड़ की तरह होते हैं ज्यादा खींचो मत कभी कभी ज्यादा खींचने से टूट भी जाते हैं । रिश्ते फूल की तरह बहुत …
नयी नयी शादी और पत्नी को यह भेद मिल जाए कि महाशय किसी और से भी उलझे हैं तो ? वह सन्न रह गयी । पति का मोबाइल देख कर …
काठमांडू। पहले दिल्ली के प्रगति मैदान में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने के बाद मैथिली मचान नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित अंतर्राष्टÑीय पुस्तक मेला के भृकुटिमंडप में पुस्तक प्रेमियों …
संघ के द्वितीय सरसंघचालक की पुण्यतिथि 5 जून पर विशेष धनंजय गिरि “राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय इदं न मम” पूज्य श्री गुरूजी का राष्ट्र को समर्पित यह मंत्र आज भी …