डॉ. जी.एन. कर्ण की पुस्तक ‘‘विकलांगता अध्ययन का पाठ्यक्रम विकास’’ पुस्तक का विमोचन

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (नई दिल्ली) के मानव अधिकार तथा विकलांगता अध्ययन कार्यक्रम के तत्वावधान में अन्तर्राष्ट्रीय अध्ययन संस्थान के अप्पादोराई सम्मेलन कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू …

संजय पति तिवारी की पुस्तक ’ललिता ऑफ्टर शास्त्री जी’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

ऩई दिल्ली। ललिता ऑफ्टर शास्त्रीजी पुस्तक का लाकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मौजूद केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह के हाथों संपन्न हुआ। इस पुस्तक में खास …

डॉक्टर नीलम महेंद्र को अटल पत्रकारिता सम्मान

नई दिल्ली।  डॉक्टर नीलम महेंद्र को अटल बिहारी वाजपेयी पत्रकारिता सम्मान- 2018 से सम्मानित किया गया।चर्चित वेबसाइट प्रवक्ता. कॉम की ओर से यह सम्मान उनके लेखन के लिए दिया गया।प्रवक्ता …

आडवाणी ने किया ‘अटलनामा’ का लोकार्पण

नई दिल्ली। ‘भारत रत्न’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर केंद्रित पुस्तक ‘अटलनामा’ की पहली प्रति नवरात्र के दौरान भारत के पूर्व उप-प्रधानमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को …

राज कपूर की बेटी से राजीव का ब्याह कराना चाहती थीं इंदिरा गांधी

नई दिल्ली। राजनीति में प्रभावशाली गांधी-नेहरू परिवार और फिल्मी दुनिया के दिग्गज कपूर परिवार की करीबी जगजाहिर है, मगर यह कम ही लोगों को पता होगा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा …

लाल बहादुर शास्‍त्री मेमोरियल में उज्‍बेकिस्‍तान ने सचित्र किताबों की श्रृंखला प्रस्‍तुत की

नई दिल्‍ली। उज्‍बेकिस्‍तान के प्रेसिडेंट शवकत मिर्जियोयेव के दिल्‍ली स्थित उज्‍बेकिस्‍तान के दूतावास ने उनके आगमन पर सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्‍तुत की। उज्‍बेकिस्‍तान के नेशनल एसोसिएशन ऑफ इलेक्‍ट्रॉनिक मास …

श्रम संगीत

कमलेश भारतीय दरबार में सन्नाटा इतना था कि सुई गिरा कर भी जाना जा सकता था कि द्वारपाल से लेकर महाराज तक सभी मौन संगीत के आनंद में हिलोरे ले …

आंतरिक सुरक्षा की बात करते एडवोकेट भूपेंद्र प्रताप सिंह

पुस्तक समीक्षा नई दिल्ली। आज भले ही हम कुछ क्षेत्रों में अग्रणी हो गए हों, लेकिन बार-बार हमारी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते ही रहते हैं। कभी सांप्रदायिकता, क्षेत्रवाद, …

पत्रकार स्वतंत्र होता है , मजबूर नहीं : डाॅ पाटिल

पत्रकार स्वतंत्र होता है , मजबूर नहीं । परंतु मुनाफे की मजबूरी से मीडिया यानी लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कमजोर हो रहा है । आजकल जो हालात हैं उनमें सरकार …