प्रदेश के विकास में सहभागिता के लिए सभी जुटें : मुख्यमंत्री चौहान


 

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विकास के विभिन्न क्षेत्र में उपलब्धियाँ अर्जित करते हुए मध्यप्रदेश बदल रहा है। इसमें जन सहयोग बहुत आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन- सहभागिता का महत्व बताते हुए 6 प्रमुख क्षेत्रों में प्रदेशवासियों से सहयोग भी मांगा। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेशवासियों से पौध-रोपण, पर्यावरण-संरक्षण, नशामुक्ति, बिजली बचाने, जल संरक्षण और बेटियों के सम्मान के लिये विशेष सहयोग की अपील की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 28 नवंबर से सबको भू-खण्ड देने का अभियान चलाया जाएगा। जिनके पास अपने भू-खण्ड नहीं है। विभाजन के समय आए लोगों और अन्य ऐसे व्यक्तियों जिनके अपने भू-खण्ड नहीं हैं, उन्हें जमीन का टुकडा देने के साथ इस महाअभियान में प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान से बड़ी संख्या में पात्र लोगों को जोड़ कर योजनाओं का लाभ देने के लिए चिन्हित किया गया है। अभियान में पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से लाभांवित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इंदौर को निरंतर छठवीं बार देश भर में स्वच्छता क्षेत्र में नम्बर एक पर आने, भोपाल को स्वच्छतम राजधानी का खिताब मिलने और ओवर ऑल रैंकिंग में मध्यप्रदेश के देश में नम्बर एक पर आने पर बधाई और शुभकामनाएँ दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है। एक जमाना था जब मध्यप्रदेश डाकुओं के लिए जाना जाता था। डाकुओं पर फिल्में बनती थी। हमने सकंल्प लिया था कि मध्यप्रदेश को शांति का टापू बनाएंगे। प्रदेश में डाकू रहेंगे या हमारी सरकार रहेगी। दोनों साथ नहीं रह सकते। पुलिस ने कमाल का कार्य किया है। मध्यप्रदेश में आतंक का साया था। सिमी के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। एक जमाना था जब नक्सली हावी हो गए थे। उस नेटवर्क को भी हमने ध्वस्त किया। मध्यप्रदेश की पहचान बिना सड़कों वाले राज्य की थी। आज तीन लाख किलोमीटर शानदार सड़कें बन गई हैं। मध्यप्रदेश पहले लालटेन का प्रदेश कहा जाता था। अब 24 घंटे बिजली देने वाला प्रदेश है। मध्यप्रदेश के खेत सूखे और कंठ प्यासे थे। साढ़े सात लाख हेक्टर में सिंचाई क्षमता थी जिसे बढ़ा कर 45 लाख हेक्टर कर लिया गया है। वर्ष 2026 तक सिंचाई क्षमता 65 लाख हेक्टेयर हो जाएगी। मध्यप्रदेश कुआँ और बावड़ी का पानी पीता था। अब 54 लाख घरों में सीधे नल कनेक्शन दिए गए हैं। सवा करोड़ घरों तक नल से जल पहुँचाने का अभियान चलाया जा रहा है। नई क्रांति की शुरूआत मध्यप्रदेश में की गई है। जब तक बालिकाओं की संख्या बालकों के समान नहीं हो जाएगी, चैन से नहीं बैठना है। प्रदेश में पहले एक हजार बालकों पर 912 बालिकाएँ जन्म लेती थी। अब यह संख्या 976 हो गई है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश की ग्रोथ 19.74 प्रतिशत है, जो देश में सर्वाधिक है। प्रति व्यक्ति आय 13 हजार से बढ़ कर एक लाख 37 हजार हो गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि निवेश आए इसके लिए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट ही नहीं, प्रवासी भारतीय सम्मेलन भी होगा। लगभग 100 देशों के प्रतिनिधि उपस्थित होंगे। मध्यप्रदेश के इंदौर में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय शामिल होंगे। खेलो इंडिया गेम्स भी मध्यप्रदेश में होंगे। शासकीय पदों पर बड़ी संख्या में नई भर्तियाँ की जाएंगी। रोजगार दिवस पर 2 लाख स्व-रोजगार के अवसर उपलबध कराए जाएंगे। आगामी 28 नवम्बर से नागरिकों को रहने के लिए जमीन का टुकड़ा देने का अभियान शुरू हो जाएगा। बालिकाओं की उच्च शिक्षा की फीस राज्य सरकार भरवाएगी। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रदेश का कोई बच्चा अनाथ नहीं रहेगा। मख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। मुख्यमंत्री खेत सड़क योजना में खेतों तक सड़क ले जाने का कार्य करेंगे। नशा विनाश की जड़ है। नशा नहीं करें। गाँव को नशा मुक्त करें और स्वयं भी नशे से दूर रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेशवासियों को नशा न करने का संकल्प भी दिलाया। नशा न रहे संकल्प लेने का संकल्प दिलाया।

 

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