नई दिल्ली। देशभर में किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने वाला इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) अब पशु आहार और डेयरी कारोबार के माध्यम से भी कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहा है। कंपनी ने उर्वरक क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी के साथ पशुपालन और डेयरी को जोड़ते हुए किसानों की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में अपनी गतिविधियों का विस्तार किया है।
आईपीएल का मुख्य कार्य देश में उर्वरकों का आयात, विपणन और उपलब्धता सुनिश्चित करना है। कंपनी सालभर सभी राज्यों में उर्वरकों की आपूर्ति बनाए रखने और दूरदराज के क्षेत्रों तक इन्हें पहुंचाने का प्रयास करती है। इसी किसान-केंद्रित दृष्टिकोण के तहत आईपीएल ने पशु आहार, डेयरी और चीनी जैसे क्षेत्रों में भी कदम बढ़ाए हैं, ताकि कृषि पर निर्भर परिवारों को आजीविका के अतिरिक्त अवसर मिल सकें।
दो संयंत्रों से पशु आहार की आपूर्ति
पशुपालन और डेयरी किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आईपीएल ने उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बाजारों के लिए दो पशु आहार संयंत्र स्थापित किए हैं। उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद और आंध्र प्रदेश के रेणिगुंटा स्थित इन संयंत्रों से पशु आहार का उत्पादन और वितरण किया जाता है। इनके माध्यम से कंपनी दोनों क्षेत्रों में पशुपालकों की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।
आईपीएल के अनुसार, उसका पशु आहार दूध उत्पादन क्षमता में सुधार लाने और पशुओं में स्वस्थ प्रसव में मदद करने के उद्देश्य से तैयार किया जाता है। पशुओं को उनकी जरूरत के अनुरूप पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना दूध उत्पादन और उनके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनी की इस पहल का उद्देश्य पशुपालकों को बेहतर पशु पोषण के माध्यम से उनकी उत्पादकता बढ़ाने में सहयोग देना है।
डेयरी कारोबार से भी जुड़ा है आईपीएल
पशु आहार के साथ आईपीएल की डेयरी क्षेत्र में भी मौजूदगी है। कंपनी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हरियाणा के कुंडली में उसकी डेयरी इकाई है। आईपीएल के डेयरी कारोबार में दूध का संग्रह और प्रसंस्करण भी शामिल है। इस तरह कंपनी की गतिविधियां पशु पोषण से लेकर दूध के प्रसंस्करण तक फैली हुई हैं।
पशु आहार और डेयरी कारोबार के बीच यह जुड़ाव आईपीएल को किसानों और पशुपालकों की जरूरतों के साथ अधिक निकटता से काम करने का अवसर देता है। बेहतर पशु पोषण से दूध उत्पादन में सुधार की संभावना बढ़ती है, जबकि डेयरी क्षेत्र से जुड़ाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की भूमिका को मजबूत करने में मदद करता है।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन खेती के साथ आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए दूध उत्पादन से होने वाली कमाई घरेलू जरूरतों को पूरा करने और कृषि पर निर्भरता से जुड़े आर्थिक जोखिमों को कम करने में सहायक हो सकती है। ऐसे में पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण और उत्पादकता में सुधार पशुपालकों की आर्थिक स्थिति के लिए महत्वपूर्ण है।
आईपीएल की पशु आहार संबंधी पहल इसी जरूरत को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई गई है। कंपनी का प्रयास है कि किसानों के साथ उसका जुड़ाव केवल फसलों के लिए उर्वरकों की आपूर्ति तक सीमित न रहे, बल्कि पशुपालन और डेयरी जैसे कृषि से जुड़े क्षेत्रों में भी उन्हें सहयोग मिले।
उर्वरक, पशु आहार, डेयरी और चीनी कारोबार में अपनी मौजूदगी के जरिए आईपीएल कृषि क्षेत्र की विभिन्न जरूरतों को एक व्यापक दृष्टिकोण से देख रहा है। कंपनी की यह रणनीति खेती और पशुपालन के बीच संबंधों को मजबूत करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

