आठवें राष्ट्रीय शिक्षा कॉन्क्लेव में बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक कृष्ण मोहन झा

भोपाल/नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं राजनीतिक विश्लेषक कृष्ण मोहन झा को आठवें राष्ट्रीय शिक्षा कॉन्क्लेव में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह कॉन्क्लेव शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के जनपथ स्थित ली मेरिडियन होटल में आयोजित होगा। कार्यक्रम में कृष्ण मोहन झा ‘शिक्षा और व्यवसाय के विकास में मीडिया की भूमिका’ विषय पर अपने विचार रखेंगे।

इस वर्ष कॉन्क्लेव की केंद्रीय विषयवस्तु ‘उद्योग और शिक्षा जगत के बीच समन्वय’ (इंडस्ट्री–एकेडेमिया इंटरफेस) है। इसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच संवाद, सहयोग तथा साझेदारी को बढ़ावा देना है।

आयोजक मनवेन्द्र सिंह के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा कॉन्क्लेव के आठवें संस्करण में शिक्षा, उद्योग, उद्यमिता और नवाचार से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसमें शिक्षाविदों, उद्यमियों, स्टार्टअप प्रतिनिधियों तथा विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित भी किया जाएगा।

मनवेन्द्र सिंह ने बताया कि कॉन्क्लेव में ज्ञान के आदान-प्रदान, नवाचार, कौशल विकास, आपसी सहयोग, नेटवर्किंग और शिक्षा के भविष्य से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य शिक्षा और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना तथा रोजगारोन्मुखी शिक्षा और व्यावसायिक कौशल के विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।

वर्तमान समय में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और कौशल विकास के लिए शिक्षा, उद्योग और व्यवसाय के बीच प्रभावी समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में मीडिया की भूमिका केवल समाचारों के प्रसारण तक सीमित नहीं रह जाती, बल्कि वह शैक्षणिक नवाचारों को समाज तक पहुंचाने, उद्यमिता के अवसरों को सामने लाने और विभिन्न क्षेत्रों के बीच संवाद स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कृष्ण मोहन झा अपने संबोधन में शिक्षा और व्यवसाय के विकास में मीडिया की भूमिका, सूचनाओं के प्रभावी संप्रेषण, जनजागरूकता तथा विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डालेंगे। उनका विषय कॉन्क्लेव की मूल अवधारणा के अनुरूप है और विकास की व्यापक प्रक्रिया में मीडिया के योगदान को रेखांकित करता है।

आयोजक के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य शिक्षा, व्यवसाय, उद्यमिता और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक साझा मंच प्रदान करना है, ताकि वे अपने अनुभवों और विचारों का आदान-प्रदान कर सकें। इस संवाद से विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशने और बदलती शैक्षणिक एवं व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास को प्रोत्साहित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान

कृष्ण मोहन झा अपनी पत्रकारिता के साथ भारतीय राजनीति, राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और समकालीन राष्ट्रीय विषयों पर लेखन के लिए भी जाने जाते हैं। उनके लेखन में समकालीन राजनीतिक एवं वैचारिक विमर्श और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को प्रमुखता मिलती है।

उनकी पुस्तक ‘डॉ. मोहन भागवत संदेश’ का विमोचन 11 सितंबर 2026 को आयोजित एक भव्य समारोह में किया गया था। यह पुस्तक आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के राष्ट्रीय और सामाजिक विषयों से जुड़े विचारों एवं संदेशों पर केंद्रित है।

कृष्ण मोहन झा की प्रमुख पुस्तकों में ‘यशस्वी मोदी’, ‘महानायक मोदी’ और ‘डॉ. मोहन भागवत संदेश’ शामिल हैं। पत्रकारिता और पुस्तकों के माध्यम से वह देश की समकालीन राजनीति, वैचारिक बहसों और राष्ट्रीय महत्व के विषयों को पाठकों तक पहुंचाते रहे हैं।

आठवें राष्ट्रीय शिक्षा कॉन्क्लेव में उनकी सहभागिता शिक्षा, उद्योग और मीडिया के पारस्परिक संबंधों पर सार्थक चर्चा को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी। यह आयोजन शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल, नवाचार तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप व्यावसायिक कौशल विकसित करने की दिशा में संवाद को प्रोत्साहित करेगा।

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