ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का विकास और आगे का भविष्य

नई दिल्ली। इंटरनेट और प्रौद्योगिकी-सक्षम समाधानों के उद्भव के साथ पूंजी बाजार में एक आदर्श बदलाव आया है। पिछले कुछ वर्षों में, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ने वित्तीय बाजारों तक पहुंच में सुधार किया है और वित्त वर्ष 22 में हर महीने औसतन करीब 29 लाख नए डीमैट खाते खोले गए हैं। शेयर बाजारों का डिजिटलीकरण एक दशक से भी अधिक समय पहले स्क्रीन-आधारित ट्रेडिंग सिस्टम (एसबीटीएस) की शुरुआत के साथ शुरू हुआ था। तब से यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) जैसी नए जमाने की तकनीकों के साथ विकसित हुआ है। ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से पहले, शेयर बाजार कुछ ही लोगों के लिए सुलभ थे। हालांकि डिजिटलीकरण में आई तेजी और स्मार्टफोन की पहुंच में हुई वृद्धि धीरे-धीरे टियर 2, टियर 3 और अन्य शहरों में भी ट्रेडिंग और निवेश को सुलभ बना रही है।

 

ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का डिजिटलीकरण

ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के क्रमिक विकास में डिजिटलीकरण सबसे आगे रहा है। 2010 में एप-आधारित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत के साथ, ब्रोकिंग हाउस ने निवेशकों के एक बड़े समूह को सेवाएं प्रदान करने के लिए डिजिटल होना शुरू कर दिया। इन उपायों को बाजार की कीमतों की निगरानी के लिए एक ऑनलाइन मंच के रूप में पेश किया गया और फिर इसकी वजह से निवेशकों को शेयरों की खऱीद, बिक्री और उसे होल्ड करने में सहायता मिली। इसकी शुरुआत के बाद से, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म कई निवेश विकल्पों के लिए एक केंद्रीकृत स्थल बन गए हैं, जिसमें बॉन्ड, मुद्राएं, स्टॉक, जिंसों और अन्य वित्तीय संपत्तियां शामिल हैं।डीमैट खाता खोलने से लेकर निवेश पोर्टफोलियो बनाए रखने तक, वेब और मोबाइल-आधारित एप्लिकेशन ने आज के तकनीक-प्रेमी व्यक्तियों के लिए ट्रेडिंग को सुविधाजनक बना दिया है। इससे मिलेनियल्स और जेनरेशन जेड की भागीदारी बढ़ी है।

भागीदारी को बढ़ावा देने वाले तकनीकी-सक्षम समाधान

नए जमाने की तकनीकों को धीरे-धीरे अपनाने से यूजर्स अनुभव में काफी सुधार हुआ है और शेयर बाजार में खुदरा भागीदारी भी बढ़ी है। एआई से लैस डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म खुदरा निवेशकों को शोध करने, तलाशने, समझने और समझदारी से निवेश निर्णय लेने में सक्षम बनाता है। अधिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि यूजर्स को इष्टतम मूल्य पर ट्रेड्स को पूरा करने में सहायता मिल सके। तकनीकी प्रगति और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का एपीआई एकीकरण कुछ ऐसे कारक हैं जो नए जमाने के निवेशकों की खुदरा भागीदारी को लगातार प्रभावित करते हैं। वैश्विक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का बाजार आकार 2021 में 8 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया।

 

आगे का रास्ता

वित्तीय बाजारों में बढ़ती भागीदारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास को और बढ़ावा दे रही है जो नए उत्पादों और सेवाओं का विस्तार कर रहे हैं ताकि निवेश को कम पहुंच वाले बाजारों तक ले जाया जा सके। आजकल अधिकांश नए जमाने के निवेशक ऐसे प्लेटफॉर्म की तलाश में हैं जो सभी वित्तीय सेवाओं के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म की सुविधा प्रदान करते हों। यह सुपर ऐप के लिए मार्ग प्रशस्त करता है जो यूजर्स को शेयर बाजार में ट्रेडिंग, एफडी और म्युचुअल फंड से लेकर ऋण लेने तक की कई सेवाएं प्रदान करता है।

 

डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म विकास

जैसेकि हम आगे बढ़ रहे हैं, डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में उभरते रुझानों में से एक एआई समर्थित चैटबॉट्स का एकीकरण है जो नए और साथ ही अनुभवी निवेशकों को वित्तीय बाजार अपडेट के साथ सुविधा प्रदान करता है। डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म विकास निरंतर जारी है, ऐसे में कुछ बाजार अनुमानों के अनुसार 2021 से 2028 तक 5.1% सीएजीआर की दर पर ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बाजार 2028 में 12 अरब डॉलर बिलियन से अधिक रहने की संभावन है।

 

Inputs – श्री प्रभाकर तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी, एंजेल वन लिमिटेड

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