इस शनिवार, एंड पिक्चर्स ला रहा है प्यार और डर की अनसुनी कहानी, विक्रम भट्ट की ‘जुदा होके भी’ के वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर के साथ

नई दिल्ली। अनजाने मोड़, रोमांचक रहस्य और जबर्दस्त उत्सुकता जगाने वाला सस्पेंस… जाने-माने डायरेक्टर विक्रम भट्ट ने सुपर नैचुरल हॉरर और रहस्यमय कहानियों की कला में महारत हासिल कर ली है, जो हमें यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या हम वाकई सुरक्षित हैं? और इस सितंबर एंड पिक्चर्स सुपर नैचुरल हॉरर का टच लिए उनकी नई रोमांटिक कहानी ‘जुदा होके भी’ के वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर के साथ प्यार और डर की अनसुनी कहानी लेकर आ रहा है, जिसका प्रसारण 17 सितंबर को रात 8 बजे किया जाएगा! इस फिल्म में अक्षय ओबेरॉय, ऐंद्रिता रे और मेहेरज़ान माज़दा लीड भूमिकाओं में हैं।

विक्रम भट्ट के द्वारा निर्देशित और महेश भट्ट द्वारा लिखी गई इस फिल्म में लगभग दो दशकों बाद दोनों ने साथ काम किया है। इस फिल्म में कहानी के दोनों सिरों से भावनाएं पेश की गई हैं, जिसमें एक ऐसी दुनिया का रहस्य है, जो हमारी समझ से बाहर है। ‘जुदा होके भी’ दुनिया की ऐसी पहली फिल्म है, जो पूरी तरह वर्चुअल प्रोडक्शन में शूट की गई है और जिसने भारत में एक बिल्कुल नई टेक्नालॉजी पेश की है।

फिल्म के निर्देशक विक्रम भट्ट कहते हैं, “जब भट्ट साहब किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा होते हैं, तो वो हमेशा खास होता है। इस फिल्म का टाइटल बिल्कुल मेरे और उनके असली ज़िंदगी के रिश्ते की तरह है। यह ऐसी साझेदारी है, जो हमारे पेशेवर रिश्तों से आगे है। हमने पूरी फिल्म बनाने के लिए कंप्यूटर्स का इस्तेमाल किया। एक जॉनर के रूप में हॉरर ने बतौर दर्शक हमेशा मुझमें उत्सुकता जगाई है और इसी वजह से मैं अक्सर इसे पर्दे पर पेश करता रहता हूं। एक कहानीकार के रूप में मुझे ऐसे सीन्स बनाने में मजा आता है, जो उत्सुकता बढ़ाएं और कहानी में तेजी भी लाएं। ‘जुदा होके भी’ भावनाओं का उफान, मन की हलचल, रहस्यमय मोड़ और एक अटूट प्यार की कहानी है, जो आपको आपकी उम्मीद से कुछ अलग दिखाने का वादा करती है।

इस राज से पर्दा हटाने के लिए देखिए ‘जुदा होके भी’, 17 सितंबर को रात 8 बजे, एंड पिक्चर्स पर।

अक्षय ओबेरॉय ने कहते हैं, “यह मेरे लिए बड़ा अलग अनुभव था। हॉरर एक एक्टर की कल्पनाओं को बढ़ाने का सबसे रोमांचक और सबसे बढ़िया तरीका है, क्योंकि इसमें जो भी हो रहा होता है, वैसा असल में कुछ भी नहीं होता। यह फिल्म मेरे लिए बहुत खास है। सबसे पहले तो इसलिए क्योंकि यह दुनिया की पहली वर्चुअल प्रोडक्शन फिल्म है और दूसरा यह कि मुझे विक्रम भट्ट – महेश भट्ट की साझेदारी में काम करने का मौका मिला। मैं जितने भी लोगों से मिला, उनमें विक्रम भट्ट सबसे स्मार्ट हैं। और महेश भट्ट का पैशन तो अपने आप में अद्भुत और देखने लायक है। मैं उनकी स्टाइल का हॉरर देखते हुए बड़ा हुआ हूं। उनकी स्टाइल बड़ी रोमांचक और आकर्षक है। वो न सिर्फ हॉरर को नए तरीकों से दिखाते हैं बल्कि इंसानी हकीकत को भी बखूबी दर्शाते हैं। जिस तरह से इस फिल्म में एक टूटी हुई शादी और उसकी हकीकत दिखाई गई है, वो बहुत विश्वसनीय है। और वक्त के साथ मेरे किरदार में जो बदलाव आता है, इसने भी मुझे बहुत आकर्षित किया।”

इस फिल्म के बारे में बात करते हुए ऐंद्रिता रे बताती हैं, “मीरा के किरदार में जो बात मुझे सबसे अच्छी लगी वो यह कि उसकी अपनी कमियां हैं और वो एक पत्नी से कुछ ज्यादा थी। उसने जो फैसले किए उसमें उसके आत्मनिर्भर व्यक्तित्व के साथ-साथ उसकी कमजोरियां भी झलकती हैं। और मुझे लगता है कि भट्ट परिवार की सबसे बड़ी खूबी यही है। जहां विक्रम भट्ट ने कई जॉनर्स में काम किया है, वहीं उनकी कहानियों के केंद्र में इंसानी कमजोरियां होती हैं। मीरा मुझसे व्यक्तिगत तौर पर जुड़ती है क्योंकि उसकी कमियों को बखूबी दर्शाया गया है।”

अमन खन्ना (अक्षय ओबेरॉय) कभी एक सफल सिंगर था, लेकिन एक एक्सीडेंट में उसके 6 साल के बेटे की मौत के बाद वो खुद को शराब, निराशा और बर्बादी के दलदल में डुबो रहा है। इसकी वजह से मीरा (ऐंद्रिता रे) से उसकी शादी पर भी असर पड़ने लगता है। जब मीरा को एक बड़े बिजनेसमैन की जीवनी लिखने का काम मिलता है, तो वो उत्तराखंड चली जाती है। क्या उनके बीच की यह दूरी उनके रिश्ते को मजबूत करेगी या फिर इससे कोई लव ट्राएंगल बनेगा या फिर इस रिश्ते में कुछ ऐसा भी है, जो नजर नहीं आ रहा है?

 

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