वाराणसी। भारतीय ज्ञान परंपरा और नैतिक मूल्यों को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई KTS 5.0 पहल के तहत उत्तर प्रदेश के 300 विद्यार्थियों को फेलोशिप प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इस पहल के अंतर्गत चयनित प्रत्येक विद्यार्थी को 10 हजार रुपये की फेलोशिप दी जाएगी। इसके लिए प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से संस्थागत पंजीकरण कराने की अपील की गई है।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के नोडल अधिकारी आंचल श्रीवास्तव ने बताया कि KTS 5.0 की थीम ‘थिरुक्कुरल पयिलोम – थिरुक्कुरल अभ्यास करें’ रखी गई है। इसका उद्देश्य तमिल साहित्य की अमूल्य कृति तिरुक्कुरल में निहित जीवन दर्शन, नैतिक शिक्षा, मानवीय मूल्यों और सार्वभौमिक ज्ञान से विद्यार्थियों को परिचित कराना है।
इस पहल के तहत देशभर के 1000 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से कुल 1000 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा अथवा अपनी भाषा में तिरुक्कुरल का अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद वे अपने-अपने संस्थानों में लौटकर अन्य विद्यार्थियों के बीच तिरुक्कुरल की शिक्षाओं और संदेशों का प्रसार करेंगे।
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रदेश से 300 विद्यार्थियों का चयन किया जाना है। प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को 10,000 रुपये की फेलोशिप प्रदान की जाएगी।
आंचल श्रीवास्तव ने प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि संस्थागत पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
संस्थान KTS 5.0 के आधिकारिक पोर्टल https://kts.cict.in/institutions/register पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से इस जानकारी को विद्यार्थियों तक पहुंचाने और उन्हें इस पहल में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है।

