मधुबनी! डा.शकील अहमद ने कहा कि लोगो एवं अन्य महागठबंधन के राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के अनुसार महागठबंधन ने यहाँ जो प्रत्याशी खड़ा किया हैं जिसका जन आधार नही के बराबर हैं जिससे उनका मनोबल गिरा हुअा हैं , सीट लूज करने की आशंका हैं ! आम जनता अन्य महागठबंधन दल एवं पार्टी के कार्यकर्ता के आहवान पर मधुबनी सीट से दोस्ताना संघर्ष के लिये वे चुनाव लड़ेंगे इसके लिये कांगेस आलाकमान से सिंबल के लिये बातचीत चल रही हैं औऱ झारखंड की चतरा एवं सुपौल मे दोस्ताना संघर्ष के लिये फाईट भी चल रही हैं उसी तर्ज पर हम भी यहाँ से दोस्ताना संघर्ष के लिये लड़ाई लड़ेंगे , जिसके लिये पार्टी के वरीय पदाधिकारियों से लगातार संपर्क बना हुअा हैं !
गौरतलब हैं की महागठबंधन से सीटो के तालमेल के तहत मधुबनी लोकसभा सीट मुकेश सहनी की पार्टी VIP को मिली हैं ! VIP ने अपने पार्टी से ई.बद्री कुमार पूर्बे को मैदान मे उतारा हैं !मधुबनी लोकसभा सीट से अब दिलचस्प लड़ाई की पूरी संभावना हैं अब देखना हैं की बाजी किसके हाथ आती हैं !
बेहद रोचक होगा मधुबनी का सियासी नजारा
दूसरी ओर, एक अन्य घटनाक्रम में राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी ने पार्टी और पार्टी के सभी पदों से मंगलवार को आखिरकार इस्तीफा दे दिया।। वे अब 18 अप्रैल को मधुबनी से निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। बता दें कि फातमी मधुबनी या दरभंगा से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उनको टिकट नहीं दिया था और इस वजह से वो अपनी नाराजगी भी जाहिर कर चुके थे। दरभंगा से राजद ने अब्दुल बारी सिद्धकी को टिकट दिया है और मधुबनी सीट महागठबंधन के घटक दल मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी के खाते में चली गई है।
दरभंगा में प्रेस वार्ता में अली अशरफ फातमी ने कहा कि मैंने कहा था कि मैं पार्टी के फैसले का इंतजार कर रहा हूं और जवाब नहीं मिला तो निर्दलीय चुनाव लड़ूंगा। आज एलान करता हूं कि 18 को मधुबनी में लास्ट नॉमिनेशन है और पार्टी अगर चाहती है तो ठीक है नहीं तो अब कुछ भी नहीं कहूंगा। मैं पार्टी का ईमानदार सिपाही हूं और मैं नहीं चाहता कि मैं राजद को छोड़ूं। लेकिन पार्टी की तरफ से इस तरह का बर्ताव मुझे दुखी कर रहा है।

