नई दिल्ली / पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के दिन अभी अच्छे नहीं चल रहे हैं। उनके बंगला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने पचास हजार का जुर्माना लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तेजश्वी यादव इस तरह की याचिका दायर कर कोर्ट का कीमती समय ख़राब कर रहे हैं। तेजस्वी को अब अपना बंगला खाली करना ही होगा।
बता दें कि आठ फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने तेजस्वी की याचिका को खारिज कर दिया है। तेजस्वी के बंगले के विवाद की याचिका को पटना हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उपमुख्यमंत्री रहते हुए तेजस्वी यादव को पटना के 5 देशरत्न मार्ग स्थित बंगला आवंटित किया गया था। वो अभी भी इसी बंगले में रह रहे हैं, लेकिन अब बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी हैं, इसलिए सरकार ने बंगला खाली करने के लिए कहा था। वहीं, एक पोलो रोड में आवंटित बंगला तेजस्वी यादव को दिया गया था, लेकिन पहले इसमें सुशील मोदी रहते थे। उन्होंने इसे खाली भी कर दिया था।
बता दें कि तेजस्वी यादव का बंगला खाली कराने के लिए बिहार सरकार की ओर से पुलिस और अधिकारी पहुंचे थे, लेकिन तेजस्वी के बंगले के गेट पर चिपकाई गई नोटिस को देखकर जिसमें सुप्रीम कोर्ट में अपील की बात लिखी गई थी। यह देखकर अधिकारियों ने आला अफसरों से बात की। इसके बाद राजद नेता गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए थे और बंगला खाली नहीं कराया जा सका था। तेजस्वी के बंगले को खाली कराए जाने के मामले में उनके बड़े भाई और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। बता दें कि तब तेजस्वी यादव दिल्ली में थे और पुलिस उनका बंगला खाली कराने पहुंच गई थी।

