बार कौंसिल चुनाव की तपिश बढी

नई दिल्ली। दिल्ली बार कौंसिल चुनाव 2017 की चुनावी सरगर्मी बढती जा रही है। हर उम्मीदवार अपने अपने लोगों से संपर्क अभियान तेज कर रहे हैं। दिल्ली के तमाम जिला …

आओ भाजैं सारे : राजेंद्र सिंह टोंक

नई दिल्ली । स्वच्छ वातावरण, स्वस्थ जीवनशैली के लक्ष्य को ध्यान में रखकर चौपाल संस्था लगातार गांवों में कार्य कर रही है। इसी कड़ी में 19 नवंबर को सोनीपथ के …

दिव्यांगों को स्वावलंबी बनाने के लिए स्वरोजगार : मनोज तिवारी

नई दिल्ली। भजनपुरा स्थित भाजपा के जिला कार्यालय के सामने सर्विस रोड पर आज दिव्यांग महिला व्यापार मेला का आयोजन किया गया। मेले का आयोजन भाजपा की महिला मोर्चा उत्तर …

राम भक्त जिंदा हैं, अयोध्या में मस्जिद नहीं बन सकती : राम विलास वेदांती

अयोध्या। अयोध्या विवाद को बातचीत से सुलझाने के लिए आगे आए श्री श्री रविशंकर पर भाजपा के पूर्व सांसद राम विलास वेदांती ने जमकर निशाना साधा है. समाचार एजेंसी एएनआई …

गोडसे के मंदिर पर सियासी बिसात

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं द्वारा अपने कार्यालय में महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे का मंदिर बनाने और गोडसे की प्रतिमा स्थापित करने …

चीन ओपन में खिताब से महज तीन कदम दूर सिंधु

फुझोउ (चीन)। चीन ओपन बैडमिंटन वर्ल्ड सुपरसीरीज प्रीमियर में भारत की महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई हैं। बताते चलें, क्वार्टर फाइनल में प्रवेश …

तुम से क्या मांगू?

अकबर महान के बारे में प्रसिद्ध है कि वे अपने द्वार पर आए भिखारी को निराश नहीं लौटने देते थे। उनकी उदारता के कारण राज्य में भूखे नहीं सो पाता …

सबसे बड़ा फूल है रेफलिसिया

आज बताती हूं वल्र्ड  बिगेस्ट फलावर के बारे में। यह फूल बड़ा और सबसे ज्यादा वजन वाला है। इसका नाम है रेफलिसिया। इसका व्यास साढ़े तीन फुट और वजन बारह …

इमेज में बंधना जरूरी नहीं : विद्या बालन

‘बेगम जान’, ‘द डर्टी पिक्चर’ और ‘इश्किया’ जैसी महिला केंद्रित फिल्मों में अपनी अदाकारी के जरिए अपनी विशेष पहचान बनाने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन का कहना है कि अब …

‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ पर ‘ए डॉटर्स टेल : पंख’

‘ए डॉटर्स टेल : पंख’, एक ऐसी फिल्म है जिसमें हमारे देश के वर्तमान काल के सामाजिक कार्य पर प्रकाश डाला गया है। इसमें बहू चर्चित विषय ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी …