लाल बहादुर शास्‍त्री मेमोरियल में उज्‍बेकिस्‍तान ने सचित्र किताबों की श्रृंखला प्रस्‍तुत की

नई दिल्‍ली। उज्‍बेकिस्‍तान के प्रेसिडेंट शवकत मिर्जियोयेव के दिल्‍ली स्थित उज्‍बेकिस्‍तान के दूतावास ने उनके आगमन पर सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रस्‍तुत की। उज्‍बेकिस्‍तान के नेशनल एसोसिएशन ऑफ इलेक्‍ट्रॉनिक मास …

श्रम संगीत

कमलेश भारतीय दरबार में सन्नाटा इतना था कि सुई गिरा कर भी जाना जा सकता था कि द्वारपाल से लेकर महाराज तक सभी मौन संगीत के आनंद में हिलोरे ले …

आंतरिक सुरक्षा की बात करते एडवोकेट भूपेंद्र प्रताप सिंह

पुस्तक समीक्षा नई दिल्ली। आज भले ही हम कुछ क्षेत्रों में अग्रणी हो गए हों, लेकिन बार-बार हमारी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते ही रहते हैं। कभी सांप्रदायिकता, क्षेत्रवाद, …

पत्रकार स्वतंत्र होता है , मजबूर नहीं : डाॅ पाटिल

पत्रकार स्वतंत्र होता है , मजबूर नहीं । परंतु मुनाफे की मजबूरी से मीडिया यानी लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कमजोर हो रहा है । आजकल जो हालात हैं उनमें सरकार …

अर्जी

दूरदराज के गांव में बैठी भरपाई ने अखबार बेचने वाले छोकरे को जिस दिन अखबार देने को कहा था, तब वह पूछे बिना नहीं रह पाया था कि ताई आखर …

क्षीण होती संवदेनाएं और मशीन होता इंसान

डॉ. दीपमाला जीवन कुदरत का दिया सबसे बेशकीमती उपहार है, जिसमें अनगिनत संभावनाएं छिपी हुई है। लेकिन अधिकांशत: अज्ञान और जागरूकता के अभाव में यही जीवन समस्याओं का अखाड़ा बन …

चौराहे का दीया 

दंगों से भरा अखबार मेरे हाथ में है पर नजरें खबरों से कहीं दूर अतीत में खोई हुई हैं । इधर मुंह में लार टपकती उधर दादी मां के आदेश …

माफी 

हम रोज चिड़ियों के लिए घर की बाहरी दीवार पर दाना डालते । चिडियां भी सुबह सवेरे चहचहाना शुरू कर देतीं । मानो अपना दाना मांग रही हों । हम …

रिश्ते रबड़ की तरह होते हैं 

रिश्ते रबड़ की तरह होते हैं  रिश्ते रबड़ की तरह होते हैं ज्यादा खींचो मत कभी कभी ज्यादा खींचने से टूट भी जाते हैं । रिश्ते फूल की तरह बहुत …