दिल्ली के बाद काठमांडू में मैथिली मचान

नई दिल्ली। इस साल के शुरुआत में प्रगति मैदान में विश्वपुस्तक मेला के दौरान अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने के बाद मैथिली मचान नेपाल की राजधानी काठमांडू में अपना झंडा …

कैलाश सत्यार्थी की पुस्तकें प्रभात प्रकाशन से

नई दिल्ली। प्रभात प्रकाशन ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की कुछ पुस्तकें प्रकाशित की है। प्रभात प्रकाशन के प्रभात जी से बातचीत में एक दिन सत्यार्थी जी ने …

मौसम क्यूं बदलते हैं जीवन के ?

कुमकुम झा मौसम क्यूं बदलते हैं जीवन के धरती के मौसम की तरह जीवन के मौसम भी पल पल बदलते हैं कभी बेमौसम बरसात कभी सहमे से जज़्बात कभी आंधियो …

बनारस

  निवेदिता मिश्रा झा क्रोधित क्यों महादेव त्रिशुल पर अवस्थित नगर में भी तो आत्मा होती है न तीन नोक कुरेदती है आदतन और समय उसमें मरहम लगाता गाहे बेगाहे …

सृष्टि के संतुलन का मुद्दा सबसे शीर्ष : लीलाधर मंडलोई

कमलेश भारतीय शिमला। सृष्टि के संतुलन का मुद्दा हमारे समय का सबसे शीर्ष मुद्दा है । इसी में मनुष्यता, धरती , जल , वायु , अग्नि और आकाश को बचाना …

लघुकथाओं में ताप जरूरी

कमलेश भारतीय लघुकथा एक ऐसी विधा-डिसने सन् नब्बे के बाद फिर रफ्तार पकडी है । अनेक नये पुराने रचनाकार इस विधा में सक्रिय हैं । लघुकथा समारोह हो रहे हैं …

जीवन और सृजन कला से संपूर्ण लघुकथाएं

कमलेश भारतीय कमल चोपड़ा लम्बे समय से लघुकथा में सक्रिय हैं । संरचना वार्षिकी भी उनकी सक्रियता का प्रमाण है । अब उनका एकल लघुकथा संग्रह अकथ आया है । …

“संवादी कार्यक्रम” पर सवाल दर सवाल

इतना गुस्सा, इतना दोहरा व्यक्तित्व और इतनी क्रांतिकारिता कहाँ से लाते हैं साईं. पटना। मैं देख रहा हूँ कि दैनिक जागरण के ‘बिहार संवादी’ के बहिष्कार को लेकर फेसबुक पर …

मैथिली का अपमान बर्दाश्त नहीं, दैनिक जागरण के खिलाफ सोशल मीडिया पर हल्लाबोल

पटना। पटना में आयोजित होने वाली साहित्य उत्सव बिहार संवादी विवादों में आ गया है। इसको लेकर जगह जगह विरोध किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर विरोध में व्यापक …

दैनिक जागरण के खिलाफ मैथिलों का हल्लाबोल

पटना। मैथिली अति प्राचीन व समृद्ध भाषा है. इस स्थापित सत्य को अब तर्क नहीं लट्ठ से समझाने का समय आ गया है क्योंकि जो मैथिली को हिंदी की बोली …