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सरल और सहज शब्दों में उद्धरित जीवन की कशमकश।। – अंजना झा साथ साथ आम जन नहीं है परेशान मन्दिर और मस्जिद से कब सोच में आती उसे राम …
Harpal ki khabar
साहित्य
सरल और सहज शब्दों में उद्धरित जीवन की कशमकश।। – अंजना झा साथ साथ आम जन नहीं है परेशान मन्दिर और मस्जिद से कब सोच में आती उसे राम …
देश के आम जनमानस की बात करें, तो पूर्वोत्तर के राज्यों के बारे में लोग कम ही जानते हैं। वहां का समाज, शासन आदि के बारे में कम ही जानकारियां …
दीप्ति अंगरीश क्या आपने कभी सोचा कि प्रेम पाप-पुण्य तथा विचारों का खेल हो भी सकता है। आप सोच रहे होंगे कि मैं कैसी बहकी-बहकी बातें कर रहीं हूं। यह …
वर्तमान में गोवा की राज्यपाल श्रीमती मृदुला सिन्हा का एक लंबा सामाजिक और राजानीतिक अनुभव है। बीते कई दशकों से वे साहित्य साधना में तल्लीन हैं। उनकी दर्जनों पुस्तकें विभिन्न …
परिवर्तन मैं नहीं बनना चाहती स्थिर, सुदृढ़ हिमालय जैसा जिसे नही चाहिेए कोइ परिवर्तन मैं नहीं चाहती बर्फ सा ठंडापन ठंडा शेषनाग झील सा जो कभी तट के उपर कभी …