साथ साथ

सरल और सहज शब्दों में उद्धरित जीवन की कशमकश।। – अंजना झा   साथ साथ आम जन नहीं है परेशान मन्दिर और मस्जिद से कब सोच में आती उसे राम …

पुण्य करते करते पाप हो गया

दीप्ति अंगरीश क्या आपने कभी सोचा कि प्रेम पाप-पुण्य तथा विचारों का खेल हो भी सकता है। आप सोच रहे होंगे कि मैं कैसी बहकी-बहकी बातें कर रहीं हूं। यह …

जिस मायने में महिला विमर्श की चर्चा होती है, मैं उसमें विश्वास नहीं करती: मृदुला सिन्हा 

वर्तमान में गोवा की राज्यपाल श्रीमती मृदुला सिन्हा का एक लंबा सामाजिक और राजानीतिक अनुभव है। बीते कई दशकों से वे साहित्य साधना में तल्लीन हैं। उनकी दर्जनों पुस्तकें विभिन्न …

कविता

परिवर्तन मैं नहीं बनना चाहती स्थिर, सुदृढ़ हिमालय जैसा जिसे नही चाहिेए कोइ परिवर्तन मैं नहीं चाहती बर्फ सा ठंडापन ठंडा शेषनाग झील सा जो कभी तट के उपर कभी …