चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ का आंध्र प्रदेश के तट पर कहर, 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अलर्ट, 22 एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमें तैनात; कई उड़ानें प्रभावित

नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ ने बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय इलाकों को प्रभावित किया। तूफान के कारण कई क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहा। संभावित बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के दौरान हवा की अधिकतम निरंतर गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि तेज झोंकों के साथ यह 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। पिछले तीन घंटों में तूफान लगभग तीन किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। इसके बाद इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने का अनुमान जताया गया।

तट से टकराने की प्रक्रिया पूरी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के तट से टकराने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसका केंद्र पूरी तरह स्थल भाग में प्रवेश कर गया है। तूफान रात दो बजे से सुबह आठ बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय क्षेत्रों से गुजरा। इस दौरान तेज हवाओं और भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया।

तूफान के प्रभाव को देखते हुए संबंधित राज्यों में प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और राहत-बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

आंध्र प्रदेश में 2,199 चक्रवात आश्रय स्थल सक्रिय

चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्यभर में 2,199 चक्रवात आश्रय स्थलों की पहचान कर उन्हें सक्रिय किया है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए संवेदनशील 14 जिलों में बचाव दलों की तैनाती की गई है।

इसके तहत राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 12 और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 10 टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन का जोर प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर है।

इंडिगो की उड़ानें प्रभावित, यात्रियों को सलाह

चक्रवात के कारण खराब मौसम को देखते हुए विमानन कंपनी इंडिगो ने बुधवार को राजमुंदरी, विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम से आने-जाने वाली उड़ानों के प्रभावित होने की जानकारी दी है।

कंपनी ने सोशल मीडिया मंच एक्स के माध्यम से यात्रियों को सलाह दी है कि वे हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच कर लें, ताकि संभावित देरी और परिचालन संबंधी बदलावों के कारण होने वाली असुविधा से बचा जा सके।

चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए संबंधित राज्यों में मौसम और राहत व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने की आवश्यकता है। प्रशासन ने एहतियाती तैयारियों के तहत बचाव दलों और आश्रय स्थलों को सक्रिय रखा है।

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