नई दिल्ली। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने अनमोल सहारा के सहयोग से दिल्ली के उत्तरी और बाहरी उत्तरी क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिला सदस्यों के लिए 21 दिवसीय आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम (एलईडीपी) शुरू किया है। यह कार्यक्रम 12 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ है और आजादपुर तथा टिकरी स्थित दो प्रशिक्षण केंद्रों पर एक साथ संचालित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना, आजीविका के स्थायी अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत 60 महिलाओं को गोबर से विभिन्न उत्पाद, मोमबत्तियां और त्योहारों से जुड़े हस्तशिल्प बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे महिलाएं अपने छोटे उद्यम शुरू करने और उन्हें व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में सक्षम हो सकेंगी।
उत्पाद निर्माण के साथ मार्केटिंग का भी प्रशिक्षण
कार्यक्रम के तहत महिलाओं को केवल उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण ही नहीं दिया जाएगा, बल्कि उन्हें पैकेजिंग, मूल्य निर्धारण, डिजिटल मार्केटिंग और बिक्री की तकनीकों से भी परिचित कराया जाएगा। इसके अलावा, उत्पादों की बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए बाजारों, प्रदर्शनियों और कॉरपोरेट खरीदारों से संपर्क स्थापित करने में भी सहायता की जाएगी।
इस पहल से महिलाओं को अपने मौजूदा आजीविका कार्यों का विस्तार करने और नए छोटे उद्यम शुरू करने के अवसर मिलेंगे। खासकर त्योहारों के मौसम में हस्तनिर्मित उत्पादों की मांग को देखते हुए महिलाएं अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें अपने उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, उचित कीमत तय करने और ग्राहकों तक पहुंच बनाने में भी मदद मिलेगी।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध नाबार्ड
इस अवसर पर नाबार्ड के एक अधिकारी ने कहा कि नाबार्ड कौशल विकास पहलों के माध्यम से स्थायी आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने और महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एलईडीपी का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को व्यावहारिक कौशल, उद्यमिता संबंधी क्षमताओं और बाजार की जरूरतों के अनुरूप जानकारी से लैस करना है, ताकि वे व्यवहार्य उद्यम स्थापित कर अपनी आय बढ़ा सकें।
वहीं, अनमोल सहारा के प्रतिनिधियों ने नाबार्ड के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना है। नाबार्ड के सहयोग से संचालित यह 21 दिवसीय कार्यक्रम आजादपुर और टिकरी की महिलाओं को कौशल प्रदान करने के साथ-साथ उनके लिए आजीविका के स्थायी अवसर तैयार करने में मदद करेगा।
स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने की पहल
नाबार्ड लंबे समय से आजीविका संवर्धन, कौशल विकास और उद्यम स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न पहल कर रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य स्वयं सहायता समूह आंदोलन को मजबूत करना और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है। एलईडीपी जैसे कार्यक्रमों के जरिए समूहों की महिलाओं को आय अर्जित करने वाली गतिविधियां विकसित करने और महिला नेतृत्व वाले उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
नाबार्ड और अनमोल सहारा की यह संयुक्त पहल दिल्ली में जमीनी स्तर पर उद्यमिता और महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कौशल प्रशिक्षण, बाजार से जुड़ाव और उद्यम संबंधी सहयोग को एक साथ जोड़कर यह कार्यक्रम महिलाओं की आजीविका की संभावनाओं का विस्तार करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में योगदान दे सकता है।

