पटना। नीतीश कुमार ने श्रेयसी सिंह का पत्ता काट दिया। मामला सीधा है कि सम्राट के लिए अड़ गए, पूरा गेम ही पलट दिया। आज सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक तय थी। प्लान साफ था कि नीतीश अपने मंत्रियों को धन्यवाद देते, फिर सीधे राजभवन जाकर इस्तीफा सौंप देते। लेकिन अब कहानी बदल गई है। खबर आ रही है कि इस्तीफा शाम को होगा, वो भी तब जब बीजेपी पहले अपना नेता तय कर ले।
दरअसल, बीजेपी ने अंदरखाने जो प्लान बनाया था, उसकी भनक नीतीश तक पहुंच गई। आरएसएस और पार्टी के कुछ लोग अपने विचारधारा के चेहरे को आगे बढ़ा रहे थे.. श्रेयसी सिंह इस रेस में फिट बैठ रही थीं। उधर सम्राट चौधरी को भी इशारा मिल गया कि उनका खेल बिगड़ सकता है।
बस, फिर क्या था… दिल्ली से लौटते ही सम्राट सीधे नीतीश के पास पहुंचे। उनके साथ विजय चौधरी और संजय झा भी पहुंचे। साफ-साफ बताया गया कि सम्राट का पत्ता काटा जा रहा है। जैसे ही श्रेयसी सिंह का नाम सामने आया, नीतीश भड़क गए।
कारण भी पुराना है… श्रेयसी के पिता दिग्विजय सिंह और नीतीश के बीच पुरानी राजनीतिक दुश्मनी रही है। नीतीश आज भी उस रिश्ते को भूल नहीं पाए हैं। श्रेयसी को वे एक नेता नहीं, विरोधी खेमे की विरासत के रूप में देखते हैं।
यहीं से पूरा खेल पलट गया।
अब नीतीश साफ लाइन पर हैं। जब तक बीजेपी सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता घोषित नहीं करती, तब तक वो इस्तीफा नहीं देंगे। मतलब, पहले बीजेपी सम्राट के नाम पर मुहर लगाएगी, उसके बाद ही नीतीश राजभवन की ओर कदम बढ़ाएंगे।
राजनीति में टाइमिंग ही सबकुछ होती है… और इस बार नीतीश ने फिर साबित कर दिया कि खेले बिना हार मानना उनके बस की बात नहीं।

