सुख की आशा

 फ्रेडरिक नीत्शे ने कहा है: मैं हंसता हूं, लोग सोचते हैं मैं खुश हूं। मैं हंसता हूं, इसलिए कि कहीं रोने न लगूं। अगर न हंसा तो रोने लगूंगा। हंस-हंस …

दो दिवसीय राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन का आयोजन 25-26 नवम्बर को

नई दिल्ली। भारतीय भाषाओं के समुचित विकास हेतु एक द्विदिवसीय राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन का आयोजन 25 और 26 नवंबर, 2017 को नई दिल्ली में किया जा रहा है। इस आयोजन …

महिला मुद्दों पर ध्‍यान देना आवश्‍यक है : उपराष्‍ट्रपति

नई दिल्ली।उपराष्‍ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि देश में महिलाओं के मुद्दों पर ध्‍यान देना आवश्‍यक है। उन्‍होंने आज यहां भारतीय विधि आयोग के पूर्व संयुक्‍त सचिव …

तुम से क्या मांगू?

अकबर महान के बारे में प्रसिद्ध है कि वे अपने द्वार पर आए भिखारी को निराश नहीं लौटने देते थे। उनकी उदारता के कारण राज्य में भूखे नहीं सो पाता …

सिंदूर, समाज के बहाने साहित्य की सियासत

छठ पूजा के दौरान मांग माथे तक सिंदूर लगाने को लेकर हिंदी अकादमी की उपाध्यक्ष मैत्रेयी पुष्पा ने सोशल मीडिया पर सवाल पूछा, जिस पर लगातार टिप्पणियां साया करती रहीं। …

मिथिला ज्ञान परंपरा: स्वायत्त ग्रामीण परिप्रेक्ष्य

भारतीय दर्शन की अवहेलना जिस प्रकार भारतीय महाद्वीप में किया गया संभवतः किसी और दर्शन परंपरा की ऐसी ही गति किसी और विद्वत समाज ने उसके जन्मस्थान में की हो, …

स्थायी नहीं होते हैं मनोभाव

क्लासिक करेक्टर – कुमार गिरी उपन्यास: चित्रलेखा, लेखक: भवगतीचरण वर्मा प्रेम किसीके लिए शाश्वत और चिरंतन है तो किसीके लिए यह आग का दरिया है। कोई इसे खूबसूरत अहसास का …

डॉ राकेश पाठक को “हेमंत स्मृति कविता सम्मान”

नई दिल्ली। संवेदनशील कवि और वरिष्ठ पत्रकार डॉ राकेश पाठक को प्रतिष्ठित “हेमंत स्मृति कविता सम्मान” देने की घोषणा की गई है। हेमंत फाउंडेशन द्वारा स्थापित यह सम्मान उनके कविता …

कथाओं को उद्घाटित करती कथाकार ‘कृष्णा सोबती’

हिंदी की कथा-भाषा को विलक्षण ताज़ग़ी देने वाली वरिष्ठ साहित्यकार कृष्णा सोबती को दिया जाएगा वर्ष 2017 का ‘ज्ञानपीठ’ पुरस्कार संजीव कुमार झा साहित्य मानवीय परिवार की सांझी संपदा है। …